जीवन की सबसे खूबसूरत इच्छाओं में से एक है माता-पिता बनना। लेकिन कभी कभी, यह यात्रा उतनी सरल नहीं होती जितनी हम सोचते है। पुरुष हो या महिला दोनो को ही कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। और इनकी वजह कई तरह के रोग होते हैं, जैसे महिलाओं में PCOD, Endometriosis, hypothyroidism, low AMH levels और पुरुषों में low sperm count या sperm motility जैसे कारण।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, बांझपन (Infertility) एक वैश्विक स्वास्थ्य समस्या है जो दुनिया भर में प्रजनन आयु (reproductive age) के लाखों लोगों को प्रभावित करती है। WHO इसे प्रजनन प्रणाली की एक बीमारी के रूप में परिभाषित करता है। बांझपन पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित कर सकता है, और यह पाया गया है कि इसकी व्यापकता (prevalence) अमीर और गरीब, दोनों तरह के देशों में समान रूप से है।
IVF and Infertility Specialist Dr. Swati Singh(Reproductive Medicine & IVF Specialist) MBBS, MD, DNB, FRM, DRM (Germany) का मानना है की बाँझपन (Infertility Meaning in Hindi) एक ऐसा विषय है जिस पर अक्सर खुलकर बात नहीं की जाती, और इस ही वजह से काफी couples को ज़रूरी जानकारी और सही इलाज नहीं मिल पाता।
लेकिन modern medical science में इस समस्या के बहुत से इलाज हैं अगर आप समय रहते अपनी समस्या को पहचाने और विशेषज्ञ से परामर्श लें। आइये इस blog में जानेंगे बाँझपन(Infertility Meaning in Hindi) क्या होता है, साथ ही पुरुष और महिला बांझपन के कारण क्या होते हैं, लक्षण क्या-क्या हो सकते हैं और इलाज क्या-क्या हैं।
Infertility का मतलब (Infertility Meaning in Hindi)
Infertility Meaning in Hindi – Infertility या बांझपन का मतलब है एक ऐसी परिस्थिति जब कोई couple नियमित और असुरक्षित संबंध बनाने के बावजूद एक साल या उससे अधिक समय तक गर्भधारण नहीं कर पाता। यदि महिला की उम्र 35 साल से अधिक है, तो यह समय सीमा 6 महीने मानी जाती है।
Infertility दो प्रकार की होती है:
- Primary Infertility: जिसमें दंपत्ति कभी भी गर्भधारण नहीं कर पाते, और
- Secondary Infertility: जिसमें पहले बच्चा होने के बाद दोबारा गर्भधारण में समस्या आती है।
बांझपन की समस्या पुरुषों और महिलाओं दोनों में हो सकती है, और कई बार दोनों ही गर्भधारण न होने का कारण हो सकते हैं।
Male Infertility (पुरुषों में बांझपन
पुरुषों में बांझपन का मतलब (Male infertility meaning in hindi)
Male infertility का मतलब(male infertility meaning in hindi) है जब पुरुष में शुक्राणुओं (sperm) से संबंधित कोई समस्या हो जो गर्भधारण में बाधा डालती है। यह sperm ki low quality, quantity, या उनकी motility में कमी के कारण हो सकता है। WHO के अनुसार, infertility के लगभग बहुत से मामलों में पुरुष कारक जिम्मेदार होते हैं। कई पुरुषों को यह पता ही नहीं चलता कि उन्हें कोई समस्या है, क्योंकि बाहरी रूप से कोई लक्षण नजर नहीं आते।
पुरुषों में बांझपन के कारण (Causes of Male Infertility)
पुरुषों में infertility के कई कारण होते हैं जैसे:
- शुक्राणुओं की कम संख्या या oligospermia।
- धूम्रपान, शराब, नशीली दवाओं का सेवन और मोटापा शुक्राणुओं की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।
- Varicocele यानी अंडकोष की नसों में सूजन भी एक प्रमुख कारण है जो शुक्राणु उत्पादन को कम करता है।
- हार्मोनल असंतुलन, विशेष रूप से testosterone की कमी, भी fertility को प्रभावित करती है।
- कुछ infections जैसे sexually transmitted diseases भी reproductive organs को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
- Diabetes, high blood pressure जैसी पुरानी बीमारियां और उनकी दवाएं भी शुक्राणु उत्पादन पर असर डालती हैं।
- आजकल की lifestyle में laptop को गोद में रखकर काम करना या mobile phone को जेब में रखना भी अंडकोष के तापमान को बढ़ाकर fertility को प्रभावित कर सकता है।
Female Infertility (महिलाओं में बांझपन)
महिलाओं में बांझपन का मतलब (Female infertility meaning in hindi)
Female infertility(female infertility meaning in hindi) का मतलब है जब महिला के reproductive system में कोई समस्या हो जो ovulation, fertilization या embryo के implantation में बाधा डालती है। यह ovaries, fallopian tubes, uterus या hormones से संबंधित समस्याओं के कारण हो सकता है। महिलाओं में infertility के लक्षण कभी-कभी स्पष्ट होते हैं जैसे irregular periods, लेकिन कई बार कोई बाहरी संकेत नहीं मिलते।
महिलाओं में बांझपन के कारण (Causes of Female Infertility)
महिलाओं में infertility का सबसे आम कारण है:
- Ovulation disorders, जिसमें PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) प्रमुख है। PCOS में hormonal imbalance के कारण अंडे नियमित रूप से नहीं बनते।
- Endometriosis भी एक गंभीर कारण है, जिसमें uterus की lining बाहर बढ़ने लगती है और fallopian tubes को block कर सकती है।
- Age factor भी बहुत महत्वपूर्ण है, 35 साल के बाद महिला की fertility तेजी से कम होने लगती है।
- Blocked fallopian tubes, जो पहले की infections या surgeries के कारण हो सकते हैं, अंडे और शुक्राणु के मिलन में बाधा डालते हैं।
- Thyroid problems, विशेषकर hypothyroidism, भी ovulation को प्रभावित करती है।
- ज्यादा वजन या बहुत कम वजन दोनों ही fertility को नुकसान पहुंचाते हैं।
- Stress, anxiety और depression भी hormonal balance को बिगाड़कर ovulation को प्रभावित करते हैं।
- Fibroids या uterus में गांठें भी implantation में समस्या पैदा कर सकती हैं।
Infertility के लक्षण (Symptoms of Infertility)
महिलाओं में Infertility के लक्षण
महिलाओं में infertility के कुछ स्पष्ट लक्षण हो सकते हैं जैसे:
- Irregular periods या बहुत ज्यादा या बहुत कम bleeding एक संकेत है।
- Painful periods जो असामान्य रूप से तीव्र हों, endometriosis का संकेत हो सकते हैं।
- Hormonal changes जैसे चेहरे पर अत्यधिक बाल, मुंहासे, या वजन में अचानक बदलाव PCOS के लक्षण हो सकते हैं।
- कुछ महिलाओं को ovulation के समय दर्द या असामान्य discharge भी हो सकता है। अगर आपकी periods 21 दिन से कम या 35 दिन से ज्यादा की अवधि में आती हैं, तो यह भी चिंता का विषय है।
पुरुषों में Infertility के लक्षण
पुरुषों में infertility के लक्षण आमतौर पर कम स्पष्ट होते हैं लेकिन कुछ इसे संकेत हैं जो आमतौर पर देखें जाते हैं:
- Sexual function में समस्याएं जैसे erectile dysfunction या ejaculation में कठिनाई एक संकेत हो सकती है।
- Testicles में दर्द, सूजन या गांठ महसूस होना। कम facial या body hair, जो hormonal imbalance का संकेत है, भी एक लक्षण हो सकता है।
- सांस की समस्या या smell की कमी genetic disorders का संकेत हो सकती है जो fertility को प्रभावित करते हैं।
बांझपन का इलाज (Treatment of Infertility)
महिलाओं में बांझपन के इलाज
महिलाओं में infertility का इलाज infertility के कारण पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए PCOS के मामलों में lifestyle changes, weight management और medications की जरूरत होती है जबकि यदि infertility का कारण Blocked tubes है तो उसके लिए surgery की आवश्यकता हो सकती है। अर्थात ये आपकी समस्या पर निर्भर करता है की आपको fertility expert द्वारा कौनसा इलाज सुझाया जाएगा जैसे:
- IUI (Intrauterine Insemination) गर्भधारण के लिए एक simple procedure है जिसमें शुक्राणुओं को सीधे uterus में डाला जाता है। यदि महिला की fallopian tubes में ब्लॉकेज है या male partner के sperms की quality की समस्या है तो ये काफी प्रभावी उपाय है गर्भधारण के लिए।
- IVF (In Vitro Fertilization) एक advanced technique है जो तब किया जाता है जब infertility का कारण गंभीर हो या natural pregnancy की संभावना न के बराबर हो। इसमें अंडे और शुक्राणु को lab में fertilize करके embryo को uterus में transfer किया जाता है।
- Laparoscopic surgery भी एक effective option हो सकता है यदि महिलाओं में Endometriosis की समस्या हो।
पुरुषों में बांझपन के इलाज
चूँकि पुरुषों में बांझपन का प्रमुख कारण sperms से जुड़ा होता है इसलिए उनका treatment का मुख्य focus भी शुक्राणुओं की quality और quantity बढ़ाना होता है। जैसे:
- आपके fertility expert आपको smoking और alcohol छोड़ने की सलाह देंगे, healthy diet लेना और regular exercise करना भी इसमें शामिल है।
- अगर आपको Varicocele की समस्या है तो surgery की जा सकती है जो fertility में सुधार लाती है।
- अगर कोई Infection है तो उसके लिए antibiotics दी जाती हैं।
- अगर natural conception संभव नहीं है, तो ICSI (Intracytoplasmic Sperm Injection) जैसी advanced techniques use की जाती हैं। ICSI में एक single sperm को directly अंडे में inject किया जाता है।
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Infertility के कारण (Causes of Infertility)

बांझपन एक जटिल समस्या है जिसके कई कारण हो सकते हैं तथा पुरुष और महिलाएं दोनों ही सामान रूप से इसके लिए जिम्मेदार (गर्भधारण न होने की समस्या का कारण) होते हैं।
आइये जानते हैं पुरुषों तथा महिलाओं में बांझपन के प्रमुख कारण कौन कौन से हैं:
| पुरुष बांझपन के मुख्य कारण (Male Infertility Causes) | महिला बांझपन के मुख्य कारण (Female Infertility Causes) |
| असामान्य शुक्राणु उत्पादन (संख्या, गति, आकृति) (sperm motility, sperm quantity, sperm quality) | ओव्यूलेशन विकार (Ovulation disordersओवुलातिओं) (PCOS, POF, आदि) |
| वैरीकोसील (Varicocele) | फेलोपियन ट्यूब (Blocked fallopian tubes) का क्षतिग्रस्त होना या अवरुद्ध होना |
| हार्मोनल असंतुलन (hormonal imbalance) | एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) |
| संक्रमण या ब्लॉकेज (infection or blockage) | गर्भाशय और ग्रीवा संबंधी समस्याएं (Uterine and cervical problems) |
| आनुवंशिक कारक (Genetic Factors या Hereditary Factors) | बढ़ती उम्र (35 वर्ष के बाद) |
इनके अलावा, कई बार दोनों partners में छोटी-छोटी समस्याएं हो सकती हैं जो मिलकर गर्भधारण को रोकती हैं। कुछ मामलों में, कारण अज्ञात (Unexplained Infertility) भी रह सकता है।
Conclusion
इस blog में आपने जाना बाँझपन(Infertility Meaning in Hindi) क्या होता है।
काफी समय तक conceive करने के असफल प्रयास के बाद couples अपने माता पिता बनाने की आशा छोड़ देते हैं। परन्तु आज medical science की तरक्की से हर असंभव चीज को संभव बनाने की तकनीक उपलब्ध है और ऐसी ही एक तकनीक है IVF। सही समय पर विशेषज्ञ तथा इलाज से गर्भधारण को संभव बनाया जा सकता है।
अगर आप भी गर्भधारण में परेशानियों का सामना कर रहे हैं तो Yaami Fertility & IVF Center, Indore में हम आपके सपने को साकार करने में पूरी तरह सहायता करते हैं, चाहे समस्या female infertility की हो या male infertility की।
Dr. Swati Singh (Reproductive Medicine & IVF Specialist) MBBS, MD, DNB, FRM, DRM (Germany) का कहना है की infertility किसी की गलती नहीं है, यह एक medical condition है जिसका scientific treatment available है। Early diagnosis और सही treatment से success rate काफी बढ़ जाती है। साथ ही में healthy lifestyle maintain करना, stress management, balanced diet और regular check-ups fertility journey में बहुत मदद करते हैं।
Yaami Fertility & IVF Center में हम आपको infertility से जुडी हर समस्या को हल करने में पूरी मदद करते हैं। हमारी team आपको हर कदम पर पूरी तरह से support और guide करती हैं जिससे आप निश्चिन्त होकर अपना इलाज करवा सकें।
FAQ: Infertility Meaning in Hindi
Q1: क्या infertility permanent होती है?
नहीं, ज्यादातर cases में infertility का इलाज मुम्किन है। Modern medical science में कई effective treatments available हैं जिनसे couples successfully conceive कर सकते हैं।
Q2: IVF की success rate कितनी है?
IVF की success rate age और health condition पर depend करती है। आमतौर पर 35 साल से कम उम्र की महिलाओं में यह रेट ज्यादा होती है, जबकि 40 साल के बाद यह कम हो जाती है।
Q3: क्या diet और lifestyle changes से fertility improve हो सकती है?
बिल्कुल! Healthy weight maintain करना, nutritious food खाना, smoking और alcohol छोड़ना, stress कम करना और regular exercise करना fertility को significantly improve कर सकता है।
Q4: Fertility specialist से कब मिलना चाहिए?
अगर आप 35 साल से कम हैं और 1 साल से try गर्भधारण करें की कोशिश कर रहे हैं, या आपको irregular periods या known health issues हैं तो fertility expert से consult करें।

Dr. Swati Singh (MBBS, MD – Obstetrics & Gynecology, DNB, FRM, Diploma in Reproductive Medicine and Embryology – Germany) is a leading Infertility Specialist and Gynecologist with over 18 years of experience. As Co-Founder and Senior Consultant at Yaami Fertility & IVF Center, Indore, she offers advanced fertility care including IUI, IVF, ICSI, and management of female reproductive disorders. Known for her compassionate and patient-first approach, Dr. Swati combines global training with deep clinical expertise. She is also actively involved in women’s health advocacy, medical research, and promoting awareness about reproductive wellness and fertility treatments.







