What is Ectopic Pregnancy in Hindi: कारण , लक्षण और इलाज

what is ectopic pregnancy in hindi and what are its reasons, symptoms and treatments

Ectopic Pregnancy in Hindi – एक्टोपिक प्रेग्नेंसी वह स्थिति होती है जिसमें निषेचित अंडाणु गर्भाशय के बाहर, अधिकतर फैलोपियन ट्यूब में ठहर जाता है। इसमें भ्रूण का सामान्य विकास संभव नहीं होता। समय पर इलाज न हो तो यह गंभीर और जानलेवा भी हो सकती है, इसलिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क जरूरी होता है।

Pregnancy अर्थात मात्रत्व हर महिला के जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण भाग होता है। परन्तु हर बार ये पल उतना ही ख़ूबसूरत हो ये जरूरी नहीं।

कई बार pregnancy के cases में कुछ ऐसी परिस्थितियाँ बनती हैं जिनमे महिलाओं को बहुत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी ही एक परिस्थिति है ‘Ectopic Pregnancy’।

Ectopic Pregnancy Kya Hoti Hai(Ectopic Pregnancy in Hindi) ये सवाल बहुत लोगों के मन में आता है।

Ectopic का अर्थ है ‘किसी और जगह’ अर्थात Ectopic Pregnancy का मतलब हुआ ‘Pregnancy का किसी और जगह होना’। सामान्य case में egg गर्भाशय में implant होता है परन्तु Ectopic Pregnancy के case में निषेचित अंडाणु ऐसी जगह प्रत्यारोपित होता है जो कि उसके विकास का समर्थन नहीं कर सकते।

डॉ. स्वाति सिंह (best IVF doctor in Indore), Yaami fertility & IVF Center की expert, इस ब्लॉग के माध्यम से हमे विस्तार से बतायेंगी कि Ectopic Pregnancy Kya Hoti Hai (ectopic pregnancy in hindi), इसके कारण क्या होते हैं और Ectopic Pregnancy के क्या क्या treatments हैं।

Ectopic Pregnancy Kya Hoti Hai – Ectopic Pregnancy Meaning in Hindi

Ectopic Pregnancy Kya Hoti Hai – Ectopic Pregnancy Meaning in Hindi

Ectopic Pregnancy in Hindi का मतलब होता है ऐसी pregnancy जिसमे Embryo गर्भाशय (Uterus) के बजाय किसी और जगह विकसित होने लगता है। 

यदि और आसान शब्दों में समझा जाए तो जब भी कोई महिला pregnant होती है, तो eggs sperms से मिलकर fertilize होते हैं और ये fertilization आमतौर पर फैलोपियन ट्यूब में होता है। उसके बाद यह fertilized egg गर्भाशय (uterus) में जाकर उसकी भीतरी परत (lining) में चिपक जाता है और वहीं पर भ्रूण (baby) का विकास शुरू होता है।

इसके विपरीत जब Ectopic Pregnancy होती है तो निषेचित अंडा (fertilized egg) गर्भाशय तक पहुँचने के बजाय किसी और जगह, जैसे कि फैलोपियन ट्यूब, ओवरी या पेट की किसी जगह पर चिपक जाता है। यह एक असामान्य और खतरनाक स्थिति होती है क्यूंकि इस अवस्था में ना सिर्फ भ्रूण का विकास रुक जाता है बल्कि समय पर इलाज न हो, तो माँ की जान को भी खतरा हो सकता है। 

यही वजह है कि Ectopic Pregnancy एक मेडिकल इमरजेंसी होती है, जिसे समय रहते पहचानना और इलाज करना बेहद जरूरी है। 

पर आप पहचानेंगे कैसे कि ये normal pregnancy नहीं बल्कि Ectopic Pregnancy हो सकती है? 

Ectopic Pregnancy Ke Lakshan in Hindi

आइये जानते हैं एक्टोपिक प्रेगनेंसी के कुछ लक्षण (ectopic pregnancy ke lakshan in hindi) जो आपकी मदद करेंगे ये जानने में कि आपकी pregnancy normal है या नहीं:

1. पेट के निचले हिस्से, एक तरफ़ा या पीठ के निचले हिस्से में तेज दर्द

Ectopic pregnancy के case में आपको लगातार पेट के निचले हिस्से, एक side, या पीठ के निचले हिस्से में तेज दर्द रहता है। यदि आप pregnant हैं और आपको ऐसा दर्द महसूस हो रहा है या दवाई लेने के बावजूद ठीक नही हो रहा है तो ये Ectopic Pregnancy का लक्षण हो सकता है। 

2. असामान्य ब्लीडिंग या रक्तस्त्राव 

यदि गर्भावस्था के दौरान आपको हल्का या भारी रक्स्त्राव हो रहा है तो ये बिलकुल भी सामान्य नहीं है और जरुरी है कि ऐसा होने पर आप डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। 

3. कमजोरी और चक्कर आना 

हालांकि गर्भावस्था के शुरूआती लक्षणों में कमजोरी होना और चक्कर आना common है परन्तु फिर भी आपको एक बार डॉक्टर से परामर्श अवश्य ले लेना चाहिए। 

4. पेशाब या मल त्याग में परेशानी 

एक्टोपिक प्रेगनेंसी की अवस्था में पेट में ऐठन और दबाव के कारण पेशाब या मल त्याग करने में भी बहुत अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 

5. कंधे में दर्द 

हालांकि ये लक्षण सुनने में बहुत अजीब लग सकता है परन्तु कंधे में तेज दर्द होना एक्टोपिक pregnancy के चेतावनी देने वाले लक्षणों में से एक है। ऐसा तब होता है जब बेबी की growth fallopian tube में होने के कारण tube फट जाती है और अंदरूनी खून बहने लगता है। 

जब अंदरूनी खून पेट की नसों को दबा रहा हो तो इसका असर कंधे तक महसूस होता है और महिला को असहनीय दर्द महसूस होता है। ये एक medical emergency है और इस अवस्था में आपको तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।  

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Ectopic Pregnancy ka Karan

Ectopic Pregnancy का कोई निर्धारित कारण नहीं होता है पर कुछ ऐसी conditions होती है जिसके कारण Ectopic Pregnancy की संभावना बढ़ जाती है। 

1. यदि महिला की Fallopian tube में सूजन या चोट है या फिर Pelvic Inflammatory Disease (PID), यौन संक्रमण (STI) आदि के कारण होने वाली सूजन के कारण Ectopic Pregnancy हो सकती है। 

2. जब किसी महिला के होर्मोन्स सही मात्रा में नहीं होते और उनके कारण गर्भाशय और अंडाशय से जुड़ी समस्याएं होती है तो ऐसी अवस्था में भी Ectopic Pregnancy हो सकती है। 

3. यदि किसी महिला की Fallopian Tube पर पहले कोई सर्जरी हुई हो तो Ectopic Pregnancy के chances बढ़ जाते है। 

4. जब पूर्व में किसी महिला का Ectopic Pregnancy का इतिहास रहा हो तो ऐसे में वापिस Ectopic Pregnancy के chances और बढ़ जाते हैं। 

5. यदि किसी महिला की fallopian tube में जन्मजात असामान्य विकार या अन्य कोई परेशानी हो तो भी Ectopic Pregnancy हो सकती है। 

अन्य सब कारणों के अतिरिक्त अधिक धूम्रपान करना, बार बार गर्भपात का इतिहास या फिर IVF या अन्य किसी fertility treatment के दौरान भी भ्रूण गलत जगह पर चिपक सकता है और एक्टोपिक प्रेगनेंसी हो सकती है। 

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Ectopic Pregnancy Treatment 

Wikipedia पर जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार हर 1000 birth पर लगभग 11 से 20 cases Ectopic pregnancy के होते हैं। ऐसे में जो सबसे बड़ा सवाल पैदा होता है वो है कि क्या Ectopic Pregnancy के treatments available हैं?

चलिए जानते हैं Yaami Fertility & IVF Center के experts से कि क्या  ‘Ectopic Pregnancy’ के treatments possible हैं और कौनसे कौनसे treatments available हैं। 

Ectopic Pregnancy का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि महिला या पेशेंट की pregnancy को कितने दिन हो गये हैं। यदि शुरूआती स्थिति है और tube को नुकसान नही हुआ है तो कुछ दवाओं के माध्यम से भ्रूण के विकास को रोका जाता है तथा रेगुलर मोनिटरिंग की जाती है। 

Laproscopy के माध्यम से भी भ्रूण को Fallopian tube से हटा दिया जाता है। 

परन्तु यदि tube का कुछ नुकसान हुआ है तो उसे ठीक करने या हटाने (Salpingectomy) की जरुरत पड़ सकती है। 

Ectopic Pregnancy kya hoti h

कई गंभीर मामलों में जब Fallopian Tube फट जाती है या rupture हो जाती है तो emergency में ओपन सर्जरी की जाती है। सर्जरी के बाद महिला की स्थिति पर निगरानी रखी जाती है। HCG हॉर्मोन के स्तर को चेक किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई गर्भावस्था का ऊतक (tissue) बचा न हो।

चाहे आप अभी pregnant हैं या future में pregnancy प्लान करने वाली हैं, आपको इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि Ectopic pregnancy जितनी जल्दी पकड़ी जाती है, उसका इलाज उतना ही सरल और सफल होता है। इसे नज़रअंदाज़ करना आपकी सेहत और भविष्य की प्रेगनेंसी दोनों को खतरे में डाल सकता है।

इस ब्लॉग के द्वारा आप विस्तार से जान गए हैं कि Ectopic Pregnancy kya hoti hai (ectopic pregnancy in hindi) और इसके लक्षण कौन कौनसे होते हैं जिससे आप समय रहते Ectopic Pregnancy का पता लगा सकें।

नियमित checkup कराना, डॉक्टर की सलाह लेना और अपनी diet एवं स्वस्थ lifestyle का ध्यान रखना, ये कुछ ऐसी बातें है जिनके द्वारा आप अपनी pregnancy को स्वस्थ एवं सफल बना सकती हैं। 

यदि फिर भी आपको किसी भी तरह का शक हो, तो देर न करें – Yaami IVF की विशेषज्ञ टीम आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार है।

FAQ: Ectopic Pregnancy in Hindi

क्या एक्टोपिक प्रेग्नेंसी में बच्चा सुरक्षित रह सकता है?

नहीं, एक्टोपिक प्रेग्नेंसी में भ्रूण का सुरक्षित रूप से विकसित होना संभव नहीं होता और समय पर इलाज जरूरी होता है।

क्या एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के बाद दोबारा गर्भधारण संभव है?

हाँ, सही इलाज और डॉक्टर की सलाह के बाद कई महिलाएं आगे चलकर सफलतापूर्वक प्रेग्नेंट हो सकती हैं।

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का पता कैसे चलता है?

ब्लड टेस्ट (hCG), अल्ट्रासाउंड और लक्षणों के आधार पर डॉक्टर इसका पता लगाते हैं।

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी क्यों होती है?

यह फैलोपियन ट्यूब में इंफेक्शन, पहले की सर्जरी, एंडोमेट्रियोसिस या हार्मोनल असंतुलन के कारण हो सकती है।

एक्टोपिक प्रेगनेंसी में पीरियड्स होते हैं

हाँ, एक्टोपिक प्रेगनेंसी में पीरियड्स जैसे लक्षण दिख सकते हैं, लेकिन वे सामान्य पीरियड्स नहीं होते। कई महिलाओं को हल्का या असामान्य ब्लीडिंग होती है, जिसे वे पीरियड्स समझ लेती हैं।

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