जाने महिलाओं में थायराइड के लक्षण के बारे में – डॉ स्वाति सिंह

महिलाओं में थायराइड के लक्षण

जब भी हमे कोई बीमारी diagnose होती है तो हमे लगता है की एकदम से इतनी बड़ी समस्या कैसे हो गयी, हमे आखिर पता क्यों नहीं चला? 

जबकि इस मामले में Dr Swati का कहना है कि हमारी body हमे संकेत देती है या बताने की कोशिश करती है कि कुछ समस्या है पर हम उसे नज़रंदाज़ कर देते हैं।

ऐसा ही कुछ होता है थायराइड में! थायरॉइड आज के समय में एक आम समस्या बन गई है जिसमे वजन तेजी से बढ़ने या तेजी से घटने लगता है। वजन घटने या बढ़ने के साथ साथ और भी कई समस्याएं हैं जो थायरॉइड के patients को face करनी पड़ती है।

आपको जानकार ये हैरानी होगी कि थायरॉइड पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा होता है। शोध के अनुसार हर 8 महिलाओं में से 1 महिला इस बीमारी से ग्रसित है। 

हालांकि थायराइड बहुत अधिक गंभीर बीमारी तो नहीं है लेकिन अगर इसके लक्षणों को नजरंदाज किया जाए तो यह आपके शरीर में या बहुत सी बीमारी का कारण बन सकती है। 

तो आइए जानते हैं Yaami Fertility के experts से, महिलाओं में थायरॉइड के लक्षण (thyroid symptoms in female in hindi) के बारे में, क्या है थायरॉयड, और कौनसे वो लक्षण हैं जो बताते हैं कि आपको थायरॉइड की समस्या है। 

what is thyroid ?

महिलाओं में थायराइड के लक्षण (thyroid symptoms in female in hindi)

आम तौर पर महिलाएं अपनी सेहत को नज़रंदाज़ कर देती हैं और यही कारण है की महिलाओं में थायरॉइड की समस्या अधिक होती है। 

महिलाओं में थायरॉइड की समस्या का ज्यादा होने के और भी कई कारण होते हैं:

  1. हार्मोनल बदलाव
  2. पोषण की कमी
  3. तनाव
  4. लाइफस्टाइल
  5. ऑटोइम्यून समस्याएं।

महिलाओं में थायरॉइड के लक्षण के बारे में जानने से पहले यह समझना जरूरी है कि आखिर थायरॉइड होता क्या है और इसका प्रभाव आपके शरीर पर किस तरह पड़ता है। 

थायरॉइड(Thyroid) एक ऐसी ग्रंथि है जो गले के सामने के हिस्से में स्थित होती है और यह दो तरह के हार्मोन्स बनाने का काम करती है, ट्राईआयोडोथायरोनिन (T3) और थायरोक्सिन (T4)। ये दोनों हार्मोन्स आपके शरीर के कई प्रकार के कार्य करते हैं जैसे शरीर के तापमान को नियंत्रित करना, शरीर के विकास में भागीदारी निभाना, मेटाबॉलिज्म को नियंत्रण में रखना आदि। 

शरीर में हो रहे hormones परिवर्तन का पता लगाना मुश्किल है पर इसके साथ ही ऐसे कुछ लक्षण होते है जिससे ये पता लगाया जा सकता है की आपको थायरॉइड है या नहीं।  

चलिए जानते हैं कि महिलाओं में थायराइड के लक्षण (thyroid symptoms in female in hindi) कौनसे हैं।  

thyroid symptoms in female in hindi

1. वज़न बढ़ना

वज़न बढ़ना थायरॉइड में एक प्रमुख लक्षण माना जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि थायरॉइड में वजन तेजी से बढ़ता क्यों है?

वजन बढ़ने का कारण होता है हाइपोथायरायडिज्म(hyperthyroidism)। हाइपोथायरायडिज्म में T3 और T4 हार्मोन का निर्माण रुक जाता है, जिससे मेटाबॉलिज्म पर बुरा प्रभाव पड़ने लगता है और वजन तेजी से बढ़ने लगता है।

महिलाओं में हाइपोथायरायडिज्म के कारण हार्मोनल बदलाव भी होने लगते हैं, जिसके कारण पीरियड्स साइकिल में परिवर्तन आ जाता है और यह भी वजन बढ़ने का कारण बन सकता है।

ये जरुरी नहीं कि थायरॉइड में सिर्फ वजन बढ़ता ही है, थायरॉइड में वजन कम भी होता है। तथा वजन का कम होना ‘हाइपरथायरायडिज्म’ का लक्षण माना जाता है। हाइपरथायरायडिज्म बिलकुल विपरीत होता है इसमें hormones का स्तर बढ़ जाता है और ऐसे में वजन कम होने लगता है।

2. आवाज़ भारी होना

चूँकि थायरॉयड ग्रंथि गले में स्थित होती है तो इसका प्रभाव आपके गले पर भी पड़ता है। जब थायरॉयड ग्रंथि ठीक से काम करना बंद कर देती है, तो गले की आसपास की संरचनाओं पर दबाव पड़ने लगता है और सूजन हो जाती है। इसके कारण आवाज़ में भारीपन या बदलाव देखा जा सकता है।

यदि आपको गले में दबाव या बोलने एवं बातचीत करने में असहजता महसूस हो तो एक बार डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

3. त्वचा का रूखापन

महिलाओं में थायरॉइड के लक्षण में त्वचा का रूखापन भी शामिल है। थायरॉयड की वजह से कई महिलाओं में लम्बे समय तक त्वचा में रूखापन भी होने लगता है। 

ये समस्या आपके शरीर में हो रहे हार्मोनल असंतुलन के कारण होती है जिससे आपकी त्वचा का पूरा मॉइस्चर कम हो जाता है और त्वचा रूखी और बेजान दिखने लगती है। हालांकि, मौसम में बदलाव के कारण भी यह होना स्वाभाविक हो सकता है, लेकिन अगर यह लक्षण लंबे समय तक दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

4.बालों का झड़ना

Thyroid symptoms in female in hindi एक महत्वपूर्ण लक्षण है बालों का झड़ना। आम तौर पर कई महिलाओं में बालों के झड़ने की समस्या होती है परन्तु ये समस्या लम्बे समय तक बनी रहे तो ये थायरॉयड का लक्षण हो सकता है।  

थायरॉयड में  हार्मोनल असंतुलन और Blood Circulation में कमी होने के कारण बाल पतले होने के साथ झड़ने लगते हैं।

यदि इस समस्या का समय रहते पता लगा लिया जाये तो सही इलाज से हार्मोनल असंतुलन को नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे बालों की सेहत में सुधार संभव है। साथ ही आप थायरॉयड की गंभीरता से भी बच सकती हैं।

5.थकान महसूस होना

थायरॉयड के कारण मेटाबॉलिज़्म की गति धीमी हो जाती है और ऊर्जा की कमी के कारण थकान होने लगती है। 

ये न सिर्फ आपकी प्रोडक्टिविटी को प्रभावित करता है, बल्कि आप अपनी दिनचर्या के सामान्य कामों में भी कठिनाई महसूस करने लगते हैं। ऐसे में जरूरी है की आप पर्याप्त नींद लें और स्वस्थ भोजन और एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। ज्यादा तकलीफ होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना न भूलें।  

6.मासिक धर्म में अनियमितता

थायरॉयड के कारण शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो महिलाओं के मासिक धर्म को सीधे रूप से प्रभावित कर सकते हैं। इससे आपके मासिक धर्म में अनियमितता हो सकती है, जैसे कि पीरियड्स का लेट होना या जल्दी आना, साथ ही हैवी ब्लीडिंग या लंबे समय तक रक्तस्राव होना जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती है।

यदि आपके पीरियड्स भी लम्बे समय तक irregular हैं तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

7. कब्ज़ की समस्या

आमतौर पर कब्ज़ एक सामान्य समस्या मानी जाती है, लेकिन इसका सीधे तौर पर थायरॉयड से संबंध होता है। जब थायरॉयड हार्मोन का स्तर गड़बड़ा जाता है, तो यह पाचन क्रिया को भी प्रभावित करता है। ऐसे में आपको कब्ज या दस्त की समस्या हो सकती है।

साधारण तौर पर आप अपने खान पान में बदलाव जैसे फाइबर युक्त भोजन खाना तथा दिन में कम से कम 2-3 लीटर पानी पीना जैसे बदलाव कर सकते हैं। पार्न्तु फिर भी आराम न हो तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

8. दिल की धड़कन धीमी होना

थायरॉयड में हार्मोनल असंतुलन होने के कारण कई शारीरिक प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसी ही एक समस्या जो महिलाओं में थायरॉइड के लक्षण में अहम् है वो है दिल की धड़कन का धीमा होना। 

आम तौर पर, एक व्यक्ति की दिल की धड़कन 60 से 100 बीट्स प्रति मिनट (BPM) होती है लेकिन थायरॉयड में दिल की धड़कन इससे कम होती है। यदि आप शुरूआती तौर में इस समस्या को ignore करती हैं तो ये बाद में दिल के दौरे का खतरा भी बन सकता है। इसलिए यदि आपको सीने में दबाव या सांस लेने में कठिनाई होती है तो एक बार मेडिकल जांच जरूर करवाएं।

9. याददाश्त कमज़ोर होना

महिलाओं में थायरॉयड के लक्षण सिर्फ शारीरिक समस्याओं तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसका प्रभाव उनके मानसिक स्वास्थय पर भी पड़ता है।

थायरॉयड हार्मोन की कमी (हाइपोथायरायडिज़्म) या अत्यधिक मात्रा (हाइपरथायरायडिज़्म) होने से मस्तिष्क की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है, जिससे ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और याददाश्त कमजोर हो सकती है।

इसके साथ ही थायरॉयड हार्मोन का असंतुलन मानसिक थकान और भ्रम पैदा कर सकता है, जिससे आप  मानसिक रूप से थका हुआ महसूस कर सकती हैं। 

10. मांसपेशियों में दर्द या कमज़ोरी

थायरॉयड न केवल मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि इससे आपके शरीर में धीरे-धीरे कमजोरी भी बढ़ने लगती है। थायरॉयड के कारण शरीर में blood criculation की गति धीमी हो जाती है, जिससे कई जगह दर्द महसूस होने लगता है। 

इससे अतिरिक्त मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड जमा होने लगता है, जो हड्डियों को कमजोर करता है और अकड़न पैदा करता है।

यदि थायरॉयड के इन लक्षणों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो यह अन्य गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है।

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थायरॉयड महिलाओं में एक आम समस्या है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना गंभीर शारीरिक और मानसिक समस्याओं को जन्म दे सकता है। यह न केवल वजन बढ़ने, थकान, बाल झड़ने और मासिक धर्म की अनियमितता जैसे लक्षण पैदा करता है, बल्कि महिलाओं की प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है।

महिलाओं में थायराइड के लक्षण को विस्तार से पढ़कर आप पता लगा सकती है की कहीं आपकी समस्या गंभीर तो नहीं। थायराइड का सही समय पर इलाज न केवल आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाएगा बल्कि आपके जीवन की गुणवत्ता भी बढ़ाएगा।

अगर आप थायराइड से संबंधित कोई भी समस्या महसूस कर रही हैं या आपका  थायराइड आपके मातृत्व के सपने में रुकावट बन रहा है  तो आज ही Yaami IVF से संपर्क करें और expert सलाह लें।

FAQs: महिलाओं में थायरॉइड के लक्षण

1. थायराइड क्या होता है?

थायराइड एक ग्रंथि (gland) है जो गर्दन के आगे के हिस्से में स्थित होती है। यह शरीर में हार्मोन बनाती है जो मेटाबॉलिज्म, वजन, ऊर्जा स्तर और हार्मोनल संतुलन को नियंत्रित करते हैं।

2. महिलाओं में थायरॉइड के लक्षण क्या हैं?

थकान, वजन बढ़ना या घटना, बाल झड़ना, मासिक धर्म में अनियमितता, नींद की समस्या, और मूड स्विंग्स इसके आम लक्षण हैं।

3. क्या थायराइड की समस्या से गर्भधारण में कठिनाई होती है?

हाँ, थायराइड असंतुलन (Hypo या Hyperthyroidism) महिलाओं की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है और गर्भधारण में कठिनाई पैदा कर सकता है।

4. थायराइड की जांच कैसे की जाती है?

थायराइड टेस्ट के लिए ब्लड टेस्ट किया जाता है, जिसमें T3, T4 और TSH स्तरों की जांच की जाती है।

5. क्या थायराइड की बीमारी ठीक हो सकती है?

अधिकांश मामलों में थायराइड को दवाइयों और नियमित जांच से नियंत्रित किया जा सकता है। समय पर इलाज से यह पूरी तरह सामान्य जीवन जीने योग्य बन जाता है।

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