Beta HCG Test गर्भावस्था की पुष्टि और सही विकास को समझने में अहम भूमिका निभाता है। यह एक ब्लड टेस्ट है जो शरीर में pregnancy hormone की सटीक मात्रा बताता है। खासकर जब आप लंबे समय से कंसीव करने की कोशिश कर रही हों, IVF/IUI जैसे फर्टिलिटी ट्रीटमेंट ले रही हों, या पहले मिसकैरेज हो चुका हो, तब beta hcg test (beta hcg test in hindi) को सही तरह से समझना बेहद जरूरी हो जाता है। Beta hcg test को नंबर में लिखा जाता है, जैसे कि 150 mIU/mL या 5000 mIU/mL। यह नंबर आपके खून में HCG की मात्रा को दर्शाता है, जो mIU/ml (milli-International Units per milliliter) में होता है।
जब आप काफी समय तक conceive करने की कोशिश कर रही हो और pregnancy test kit पर दो लाईनें दिखें तो ये एक सपने के सच होने जैसा लगता है। लेकिन जब डॉक्टर कहते हैं अब Beta HCG Test करवा लीजिए तब मन में कई सवाल आते हैं, जैसे, क्या होम टेस्ट काफी नहीं था? ये खून की जांच क्यों जरूरी है?
इसी सन्दर्भ में Yaami IVF and Fertility Centre की विशेषज्ञ Dr. Swati Singh (Reproductive Medicine & IVF Specialist) MBBS, MD, DNB, FRM, DRM (Germany) का कहना है की जब आप माँ बनने के सफर पर होती हैं, तो शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव ही आपको सही दिशा दिखाते हैं। इन्हीं बदलावों को समझने का सबसे सटीक तरीका है beta hcg test, जो आपकी pregnancy की पुष्टि करने के साथ-साथ आपके और आपके होने वाले शिशु के स्वास्थ्य की पहली जानकारी देता है।
आइये इस blog के माध्यम से जानते हैं beta hcg test क्या है (beta hcg test in hindi), beta hcg test की normal रेंज क्या होनी चाहिए (beta hcg test normal range in hindi), रिपोर्ट में जो नंबर आए हैं, वो नॉर्मल हैं या चिंता की बात है? जैसी और भी बहुत सी बातें।
Beta HCG क्या होता है? (What is Beta HCG Test in Hindi)

Beta HCG का पूरा नाम है Beta Human Chorionic Gonadotropin। यह एक हार्मोन है जो प्रेग्नेंसी के दौरान प्लेसेंटा बनाता है। जब fertilized egg (निषेचित अंडा) गर्भाशय की दीवार से जुड़ता है, तब शरीर HCG हार्मोन बनाना शुरू कर देता है। यह हार्मोन खून और यूरिन दोनों में पाया जाता है, लेकिन खून में इसकी मात्रा ज्यादा सटीक तरीके से मापी जा सकती है।
Beta hcg test में खून की जांच की जाती है, इसलिए इसे serum beta hcg test भी कहते हैं। यह टेस्ट बहुत सटीक होता है और प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में ही पॉजिटिव रिजल्ट दे सकता है।
लेकिन beta hcg test भी दो तरह के होते हैं:
- Qualitative Beta HCG Test: यह सिर्फ यह बताता है कि आप प्रेग्नेंट हैं या नहीं, मतलब Yes या No में जवाब देता है।
- Quantitative Beta HCG Test (serum beta hcg test in hindi): यह आपके खून में HCG हार्मोन की exact मात्रा बताता है। यह ज्यादा accurate results देता है और प्रेग्नेंसी की health को समझने के लिए बहुत जरूरी है।
Beta HCG Test क्यों किया जाता है?
बेटा एच सी जी टेस्ट (Beta HCG Test in hindi) डॉक्टर आपको कई कारणों से करवाने की सलाह दे सकते हैं, जो आपकी सुरक्षा और स्पष्टता के लिए जरूरी हैं, जैसे प्रेग्नेंसी की उम्र का अनुमान लगाने के लिए, कही ectopic pregnancy या miscarriage का खतरा तो नहीं, ये पता लगाने के लिए, और भी बहुत से कारण। आइये सभी कारणों को विस्तार से जानते हैं:
- सटीक प्रेग्नेंसी जाँच: यह यूरिन टेस्ट के मुकाबले बहुत पहले और ज्यादा भरोसेमंद तरीके से बता सकता है कि आप प्रेग्नेंट हैं या नहीं।
- प्रेग्नेंसी की उम्र का अनुमान लगाना: आपके खून में मौजूद हार्मोन के स्तर को देखकर यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि आपकी प्रेग्नेंसी कितने हफ्तों की है।
- Ectopic Pregnancy का पता लगाना: अगर beta hcg level बहुत धीरे बढ़ रहा है या असामान्य है, तो यह ectopic pregnancy का संकेत हो सकता है, जिसमें भ्रूण गर्भाशय के बाहर विकसित होने लगता है।
- Miscarriage का खतरा समझाना: अगर beta hcg level गिर रहा है या अपेक्षा से कम है, तो यह मिसकैरेज की संभावना की ओर इशारा करता है।
- Multiple Pregnancy की संभावना: यदि आपका beta hcg level सामान्य से बहुत अधिक है, तो यह twins या triplets की संभावना हो सकती है। हालांकि अल्ट्रासाउंड से ही पक्की पुष्टि होती है, लेकिन HCG Level एक शुरुआती संकेत दे सकता है।
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Beta HCG Test कब करवाना चाहिए?
Beta hcg test कब करवाएं ताकि सही रिजल्ट मिले? यह सवाल बहुत आम है। आमतौर पर, Beta HCG Test आपकी ovulation date के 10 से 14 दिन बाद करवाना चाहिए, या pregnancy के लक्षण महसूस होने पर जैसे थकान, हल्की bleeding या जी मिचलाना। आइये इन सभी को विस्तार में समझते हैं:
- अगर आपने IVF या IUI करवाया है: आपके डॉक्टर आमतौर पर embryo transfer या IUI के 12 से 14 दिन बाद beta hcg test करवाने की सलाह दे सकते हैं।
- अगर आपको प्रेग्नेंसी के लक्षण महसूस हो रहे हैं: अगर आपको pregnancy के लक्षण महसूस हो रहे हो जैसे कि जी मिचलाना, थकान, ब्रेस्ट में भारीपन, हल्की ब्लीडिंग तो आप अपने डॉक्टर से बात करके टेस्ट करवा सकती हैं।
- Ovulation के 10 से 14 दिन बाद: अगर आपको अपना ovulation date याद है तो लगभग 10 से 14 दिन बाद test करवाना सबसे accurate रहेगा।
- मिस्ड period के बाद: यदि आपके पीरियड्स मिस हो गये हैं तो आप उसके 2-4 दिन बाद ये test करवा सकती हैं।
Beta HCG Test कैसे किया जाता है? (Procedure)
Beta hcg test की प्रक्रिया बिलकुल सामान्य test की तरह ही होती है, आपको किसी खास तैयारी की ज़रुरत नहीं होती। आइये आसान steps में इसकी पूरी प्रक्रिया समझते हैं:
- Step 1: Appointment लें
सबसे पहले आप अपने fertility expert से मिलें और उनके सुझाव से दिए गए prescription को लेकर किसी विश्वसनीय diagnostic lab में जाएं। - Step 2: खून का सैंपल लिया जाता है
Lab में technician एक syringe की मदद से आपकी बांह की नस से थोड़ा सा खून निकालेगा। यह प्रक्रिया केवल 2-3 मिनट की होती है और हल्का सा चुभन महसूस हो सकता है। - Step 3: सैंपल को लैब में भेजा जाता है
आपका खून का सैंपल लैब में जांच के लिए भेजा जाता है, जहां HCG हार्मोन की मात्रा को मापा जाता है। - Step 4: रिपोर्ट मिलना
आमतौर पर रिपोर्ट 24-48 घंटे में मिल जाती है। कुछ लैब कुछ घंटों में भी रिपोर्ट दे देते हैं।
नोट: Beta hcg test में किसी विशेष तैयारी की ज़रुरत नही होती, आप चाहे तो इसे खाना खाकर या खनना खाने से पहले कभी भी करवा सकती हैं।
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Beta HCG Test Report in Hindi (रिपोर्ट कैसे समझें)

जब रिपोर्ट आती है, तो उसमें एक नंबर लिखा होता है, उदाहरण के लिए 150 mIU/mL या 5000 mIU/mL मान लीजिये। यह नंबर आपके खून में HCG की मात्रा को दर्शाता है, जो mIU/ml (milli-International Units per milliliter) में होता है। लेकिन इस नंबर का क्या मतलब है? क्या यह नॉर्मल (beta hcg test normal range in hindi) है? आइये इसे एक टेबल के ज़रिये समझते हैं:
| Pregnancy Week (Last period से) | Normal HCG Range (mIU/ml) |
| गैर-गर्भवती महिला | 0 से 5 |
| 3 सप्ताह | 5 – 50 |
| 4 सप्ताह | 5 – 426 |
| 5 सप्ताह | 18 – 7,340 |
| 6 सप्ताह | 1,080 – 56,500 |
| 7-8 सप्ताह | 7,650 से 229,000 |
| 9-12 सप्ताह | 25,700 से 288,000 |
ध्यान रखें: 9-12 सप्ताह के बाद HCG का स्तर कम होने लगता है और पूरी गर्भावस्था के दौरान stable बना रहता है। (इसलिए आपको टेंशन नहीं करनी है क्योंकि रिपोर्ट में 12 हफ्ते के बाद नंबर कम आने लगते हैं।)
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आइये समझाते हैं रिपोर्ट कैसे पढ़ें:
- Hcg level अगर 5 से कम: Negative result है, आप प्रेग्नेंट नहीं हैं या बहुत जल्दी टेस्ट हो गया है।
- Hcg level 5 से 25: Borderline result है, संभावना है की प्रेग्नेंसी हो, लेकिन पुष्टि के लिए 2-3 दिन बाद दोबारा टेस्ट करना जरूरी है।
- Hcg level 25 से अधिक: Positive result है, आप pregnant है।
ज़रूरी जानकारी: ये ranges approximate हैं और हर महिला में थोड़ी अलग हो सकती हैं। इसलिए अपनी रिपोर्ट को अपने डॉक्टर के साथ discuss करना चाहिए।
Beta HCG Level कम या ज्यादा होने के कारण
कई बार Beta HCG Level expected range से कम या ज्यादा हो सकता है। इसके कई कारण हो सकते है, आइये विस्तार में समझते हैं:
Low Beta HCG Level (कम लेवल) के कारण:
- गलत तिथि की गणना: हो सकता है कि आपने अपना ovulation या last period date गलत बताया हो, इसलिए HCG level कम लग रहा है।
- Ectopic Pregnancy: जब भ्रूण गर्भाशय के बाहर fallopian tube में विकसित हो रहा हो।
- Miscarriage की संभावना: अगर लेवल अचानक गिर रहा है या धीरे-धीरे बढ़ रहा है, तो miscarriage का संकेत हो सकता है।
- Anembryonic pregnancy (अनएम्ब्रायोनिक प्रेगनेंसी): जब निषेचित अंडा implant तो हो जाता है लेकिन embryo develop नहीं होता।
High Beta HCG Level (ज्यादा लेवल) के कारण:
- Multiple Pregnancy (जुड़वा बच्चे): अगर आप twins या triplets के साथ प्रेग्नेंट हैं, तो hcg level सामान्य से काफी अधिक होगा।
- Molar Pregnancy: एक rare condition जिसमें गर्भाशय में abnormal tissue बढ़ने लगता है।
- Down Syndrome (डाउन सिंड्रोम): डाउन सिंड्रोम एक genetic disorder है जिसमें chromosome की एक अतिरिक्त प्रति के कारण शारीरिक और मानसिक विकास धीमा हो जाता है। डाउन सिंड्रोम के मामलों में, beta hcg level सामान्य स्तर से बढ़ा हुआ आता है।
Beta HCG Test और Pregnancy Test में अंतर
Pregnancy test और beta hcg test में बहुत अंतर होता है, चाहे वो सैंपल लेना हो, accuracy हो या results हो। आइये नीचे दी गई टेबल से समझते हैं इनमे अंतर:
| Basis | Home Pregnancy Test | Beta HCG Test |
| Sample | Urine (यूरिन) | Blood (खून) |
| Accuracy | 92-98% (सही समय पर किया जाए तो) | 99% से ज्यादा accurate |
| Detection Time | Missed period के बाद | Ovulation के 10-12 दिन बाद |
| Result Type | Yes/No | Quantitative (exact HCG Level) |
| Cost | Rs 50-100 | Rs 300-800 (अलग अलग लैब पर rates अलग हो सकती हैं) |
| Pregnancy Health | नहीं बताता | Pregnancy के विकास को ट्रैक करता है |
Beta hcg test (beta hcg test in hindi) को समझना आपकी pregnancy में सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आपकी प्रेग्नेंसी की पुष्टि करने और उसकी सेहत को समझने में मदद करता है। यह टेस्ट आपको सिर्फ यह नहीं बताता कि आप प्रेग्नेंट हैं, बल्कि यह भी बताता है कि आपकी प्रेग्नेंसी सही दिशा में बढ़ रही है या नहीं।
Yaami IVF and Fertility Centre की विशेषज्ञ Dr. Swati Singh का कहना है की जब आप प्रेग्नेंसी की यात्रा में होती हैं, तो हर छोटी-बड़ी बात मायने रखती है। टेस्ट की रिपोर्ट, नंबर्स, डॉक्टर की सलाह सब कुछ थोड़ा overwhelming लग सकता है। ऐसे समय में आपको एक ऐसे fertility centre की जरूरत होती है जहां आपको सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि समझ और सुझाव भी मिले।
Yaami IVF & Fertility Centre, Indore में हम समझते हैं कि फर्टिलिटी का सफर सिर्फ मेडिकल प्रक्रिया नहीं, बल्कि भावनाओं से भरा होता है, हम सिर्फ Beta hcg test ही नहीं, बल्कि पूरी फर्टिलिटी evaluation करते हैं ताकि आपकी स्थिति को सही तरीके से समझा जा सके।
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FAQ: Beta HCG Test in Hindi
1. What is a positive beta hcg test in hindi?
अगर आपके खून में बीटा एचसीजी का स्तर 25 mIU/ml से अधिक आता है, तो इसे पॉजिटिव परिणाम माना जाता है।
2. Beta hcg test kya hota hai in hindi?
यह एक खून की जाँच है जो शरीर में गर्भावस्था के दौरान बनने वाले हार्मोन की मात्रा का पता लगाती है।
3. Beta HCG Test कितने दिन में पॉजिटिव आता है?
ओव्यूलेशन के लगभग 10 से 12 दिन बाद या पीरियड्स की तारीख निकलने के 2-4 दिन बाद यह टेस्ट पॉजिटिव आ सकता है।
4. क्या Beta HCG Test से जुड़वा प्रेग्नेंसी पता चलती है?
हाँ, जुड़वाँ बच्चों की स्थिति में यह हार्मोन सामान्य से काफी तेजी से और ज्यादा बढ़ता है।
5. क्या Low Beta HCG का मतलब मिसकैरेज है?
नहीं, हमेशा ऐसा नहीं होता। कम लेवल का मतलब देर से गर्भधारण होना भी हो सकता है। डॉक्टर अक्सर 48 घंटे बाद दोबारा टेस्ट की सलाह देते हैं।

Dr. Swati Singh (MBBS, MD – Obstetrics & Gynecology, DNB, FRM, Diploma in Reproductive Medicine and Embryology – Germany) is a leading Infertility Specialist and Gynecologist with over 18 years of experience. As Co-Founder and Senior Consultant at Yaami Fertility & IVF Center, Indore, she offers advanced fertility care including IUI, IVF, ICSI, and management of female reproductive disorders. Known for her compassionate and patient-first approach, Dr. Swati combines global training with deep clinical expertise. She is also actively involved in women’s health advocacy, medical research, and promoting awareness about reproductive wellness and fertility treatments.







